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Justice For Mahesh Kumar Verma

Justice For Mahesh Kumar Verma--------------------------------------------Alamgang PS Case No....

Posted by Justice For Mahesh Kumar Verma on Thursday, 27 August 2015
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Friday, October 17, 2008

प्रेम है बहुत महान

प्रेम है बहुत महान

ये है मानवता की पहचान

प्रेम ही है जो दुश्मन को दोस्त बनाते हैं

प्रेम ही है जो पशुओं को भी मित्र बनाते हैं

प्रेम ही है जो सबों को आपस में बांधे रखता है

प्रेम ही है जो सबों को बिछुड़ने से रोकता है

प्रेम न होता तो ये सारा रिश्ता नाता न होता

प्रेम न होता तो दुनियाँ का काम न होता

प्रेम न होता तो दुनियाँ में चलना मुश्किल था

प्रेम न होता तो हमें जी पाना मुश्किल था

अतः प्रेम करना सीखो

आपस में मिलकर रहना सीखो

सबों से प्रेम करो

नहीं किसी से वैर करो

प्रेम है बहुत महान

ये है मानवता की पहचान

प्रेम है बहुत महान

प्रेम है बहुत महान

5 comments:

राज भाटिय़ा said...

धन्यवाद, इस सुन्दर कविता के लिये

श्यामल सुमन said...

अच्छी कोशिश। लिखते रहें। शुभकामना।

जो अपने लिए हों वह शबो रोज है बकार।
जो सबके लिए गुजरे वो लम्हा ही बहुत है।।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
मुश्किलों से भागने की अपनी फितरत है नहीं।
कोशिशें गर दिल से हो तो जल उठेगी खुद शमां।।
www.manoramsuman.blogspot.com

seema gupta said...

प्रेम ही है जो दुश्मन को दोस्त बनाते हैं
प्रेम ही है जो पशुओं को भी मित्र बनाते हैं
प्रेम ही है जो सबों को आपस में बांधे रखता है
प्रेम ही है जो सबों को बिछुड़ने से रोकता है
" sach kha prem ka sunder chitran"

regards

"

Udan Tashtari said...

बहुत बढ़िया..जारी रहिये.

AFAQUE AHMED said...

प्रेम न होता तो ये सारा रिश्ता नाता न होता
प्रेम न होता तो दुनियाँ का काम न होता
प्रेम न होता तो दुनियाँ में चलना मुश्किल था
प्रेम न होता तो हमें जी पाना मुश्किल था
प्रेम न होता तो mahesh verma ki kavita n hoti
प्रेम न होता तो kavita me satyta n hoti
Mubarakbaad -DIL or INSANIYAT ki shai aqqasi kane k liye.

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