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Justice For Mahesh Kumar Verma

Wednesday, January 19, 2011

आत्मकथा का प्रारंभ : दूनियाँ को सलाम

जिन लोगों के साथ जैसी घटी है वे उस ढंग से मुझे जानते हैं.  लोगों के नजर में मैं जैसा भी रहूँ पर अपनी सफलता के लिए मैं इसी दूनियाँ, समाज व परिवेश को धन्यवाद देता हूँ..........  (आगे पढ़ें)

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