बात बहुत खास है
यहाँ सुशासन नहीं कुशासन है
यहाँ रक्षक ही भक्षक है
न्याय मिलने की नहीं आश है
क्योंकि पंच परमेश्वर नहीं पंच पापी है
कोई नहीं अपना है
यह दिल की आवाज़ है
दिल की आवाज़ में आपका स्वागत है। यहाँ आप विभिन्न विषयों पर महेश कुमार वर्मा के स्वतंत्र विचार, तर्क व रचनाएँ देख व पढ़ सकते हैं। आपके स्वतंत्र व निष्पक्ष सुझाव व विचारों का स्वागत है। E-mail ID : vermamahesh7@gmail.com
Justice For Mahesh Kumar Verma
Justice For Mahesh Kumar Verma--------------------------------------------Alamgang PS Case No....
Posted by Justice For Mahesh Kumar Verma on Thursday, 27 August 2015
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Thursday, December 20, 2007
Sunday, November 18, 2007
पंच : परमेश्वर या पापी
सुना था पंचायत में पंच आते हैं
जो ईमानदार व निष्पक्ष होते हैं
वह धर्मानुकुल उचित निर्णय सुनाते हैं
इसी लिए पंच को परमेश्वर कहते हैं
पर जब मैं देखा कि
आए हुए पंच ईमानदार नहीं पक्षपाती है
वह दूसरे पक्ष को सुनने वाला नहीं
बल्कि एकतरफा दोषी का साथ देने वाला है
वह निष्पक्ष फैसला करने वाला नहीं
बल्कि निर्दोष पर ही जानलेवा हमला करने वाला है
तो मुझे सोचना पड़ा कि
यह पंच परमेश्वर नहीं बल्कि पंच पापी है
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