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Justice For Mahesh Kumar Verma

Justice For Mahesh Kumar Verma--------------------------------------------Alamgang PS Case No....

Posted by Justice For Mahesh Kumar Verma on Thursday, 27 August 2015
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Sunday, December 30, 2012

मुझे जन्म ही लेने क्यों दिया


 मुझे जन्म ही लेने क्यों दिया



आज उस समय मेरे आँखों में आंसू आ गए जब मैंने देखा की लडकियां असुरक्षा के कारण खुद को गर्भ में ही मार देने की बात उठाई। जी हाँ, 16.12.2012 के दिल्ली के सामूहिक दुष्कर्म और फिर पीड़िता की मौत को लेकर पटना के कारगिल चौक पर लोग शोक में मौन रखे। साथ ही न्याय के लिए नारा लगा रहे थे जिसमें लड़के-लड़कियों के हाथ में विभिन्न नारा लिखे पोस्टर थे जिसमें एक पर लिखा था - "KILL ME IN THE WOMB IF YOU CAN'T PROTECT".

बिडंबना है कि एक और लोग कन्या भ्रूण हत्या रोकने की बात करते हैं वहीं दूसरी और असुरक्षा के कारण लडकियां यह कहने को मजबूर है कि यदि उनकी सुरक्षा नहीं हो सकती है तो उसे गर्भ में ही मार दिया जाए। सोचें, उनका कहना भी सही है। हमें बदलाव लाना होगा। लड़की व महिला को सुरक्षा देना होगा। मानते हैं कि बलात्कार जैसी घटना बलात्कारी के गलत मानसिकता का प्रभाव है पर ऐसी घटना रुकने का नाम नहीं ले रही है तो ऐसे में लड़कियां यह सवाल उठाएगी ही कि क्या उसकी यही गलती है कि वह लड़की है? यदि उसकी यही गलती है और इस कारण उसे सुरक्षा नहीं मिलेगा तो उसे जन्म ही क्यों लेने दिया गया?

हमें हरेक परिस्थिति पर विचारना होगा। यह बात भी सही है कि हमारे समाज में जो बाल-विवाह हो रहे हैं उसके कारण में अन्य कारणों के अलावा एक कारण यह भी है कि सयानी कुवांरी लड़की सुरक्षित नहीं है और इसी कारण माँ-बाप जल्द ही शादी कर उसे ससुराल भेज देना चाहते हैं।

-- महेश कुमार वर्मा

Saturday, November 24, 2012

महिलाओं को उसके गर्भ में पल रहे भ्रूण के लिंग जानने का अधिकार मिलना चाहिए

 महिलाओं को उसके गर्भ में पल रहे भ्रूण के लिंग जानने का अधिकार मिलना चाहिए

आज लोग सूचना का अधिकार व जानकारी प्राप्त करने का अधिकार को बढावा दे रहे हैं। बात भी सही है लोगों को यह अधिकार मिलना चाहिए। सभी लोग इस बात से सहमत होंगे कि हमें अपने देश के बारे में, अपने समाज के बारे में, अपने परिवार के बारे में तथा अपने व अपने शरीर के बारे में भी जानने का अधिकार मिलना चाहिए। जब हमें यह सब अधिकार मिलना चाहिए तोगर्भवती स्त्री को उसके गर्भ मेँ पल रहे भ्रूण का लिंग जानने का अधिकार क्यों नहीं मिलना चाहिए? भ्रूण हत्या के डर से महिला को इस अधिकार से वंचित किया गया है जो किसी भी अर्थ में उचित नहीं है। आप भ्रूण हत्या को रोकें, भ्रूण हत्या में लिप्त लोगों को कठोर सजा दें यह सही है। पर आज के विकसित वैज्ञानिक युग में महिलाओं को उसके कोख मेँ पल रहे भ्रूण का लिंग जानने के अधिकार से वंचित करना विज्ञान के प्रगति के लिएकलंक ही है। मैं नर व मादा दोनों प्रकार के भ्रूण हत्या का विरोध करता हूँ पर महिलाओं को उसके गर्भ में पल रहे भ्रूण के लिंग जानने के अधिकार के पक्ष में जोरदार बहस करता हूँ।

--महेश कुमार वर्मा 

Saturday, July 26, 2008

महापाप

इसमें कोई दो राय नहीं कि कन्या भ्रूण हत्या बढ़ने का सर्वाधिक मुख्य कारण संतान के रूप में लड़की की चाह न होकर लड़का की चाह होना रहता है।



अतः जबतक समाज की मानसिकता को बदलकर नर व नारी एक सामान की भावना नहीं लाई जाएगी तबतक इस समस्या से निजात पाना मुश्किल है। और इसके लिए समाज को ही सोचना पड़ेगा व आगे आना पड़ेगा।



फिर आख़िर संतान के रूप में लोग लड़की क्यों नहीं चाहते हैं? हमें इस पर भी सोचना चाहिए और इसमें जो कारण उचित हों उसे दूर करने का उपाय समाज को ही करना होगा। ऐसे ही कारणों में से एक कारण है : दहेज-समस्या।



हमारी समाज दहेज रूपी दानव को नष्ट करने का कोई पहल नहीं करती है, पर जन्म से पूर्व अपने ही संतान को नष्ट करने का पहल जरुर करती है। सोचिए आख़िर कितनी संकीर्ण व नीच विचारधारा की है हमारी समाज। ......... और यदि हमारी समाज इतनी नीच विचारधारा की है तो हमें समाज के इस विचारधारा का विरोध करने में संकोच नहीं करना चाहिए।


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फिर कन्या भ्रूण हत्या ही क्यों , नर या मादा किसी भी प्रकार की भ्रूण हत्या महापाप है। उस माँ-बाप के लिए अपने संतान के प्रति इससे बड़ा कुकर्म और क्या होगा, जिसने ख़ुद संतान के जन्म के लिए प्रयोजन किया व फिर जन्म से पहले ही अपने ही संतान को नष्ट कर दिया।


कन्या भ्रूण हत्या ही नहीं किसी भी लिंग की भ्रूण हत्या महापाप है।


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कन्या भ्रूण हत्या : एक घिनौना कार्य

मुझे भी जन्म लेने दो

Tuesday, July 22, 2008

मुझे भी जन्म लेने दो

तुम मुझे क्यों मारना चाहते हो
मैं बेटी बनकर जन्म ले रही हूँ इसीलिए
मेरे बेटी होना से तुम क्यों घबराते हो
दहेज़ के कारण
या बेटी को पराया धन समझते हो
पर तुम्हारा सोचना व्यर्थ है
बेटी पराया धन नहीं है
तुम मुझे उचित शिक्षा देना
मेरे साथ पराये का व्यव्हार न करना
तब तुम देखोगे कि
बेटी बेटा से कहीं अधिक आगे व शुखदायक है
और तब दहेज़ की समस्या भी ख़त्म हो जाएगी
क्या सोचते हो
मेरे जन्म से तुम्हें मोक्ष या परमात्मा-प्राप्ति में संदेह है
पर तुम्हें यह समझाना चाहिए कि
मोक्ष या परमात्मा-प्राप्ति
संतान के बेटा या बेटी होने पर निर्भर नहीं करता है
यह निर्भर करता है तुम्हारे ध्यान-साधना व तुम्हारे किए कर्म पर
फिर क्या मुझे जन्म से पहले ही मार देने पर
तुम्हें मोक्ष या परमात्मा की प्राप्ति हो जाएगी
कभी नहीं, कभी नही, कभी नहीं
तब फिर तुम मुझे क्यों मारना चाहते हो
तुम्हारी सारी सोच निराधार है
तुमने ही मुझे जन्म लेने के लिए प्रयोजन किया
फिर तुम ही मुझे जन्म से पहले ही मारने का प्रयोजन कर रहे हो
सिर्फ इसीलिए कि मैं नारी जाति का हूँ
पर तुम यह मत भूलो कि
मैं जिसके कोख से जन्म लेने वाली हूँ
वह भी नारी ही है
मुझे जन्म देने वाली माँ भी नारी के कोख से ही जन्म ली है
तुम भी नारी के ही कोख से जन्म लिए हो
इतना ही नहीं
सभी नर व नारी नारी के ही कोख से जन्म लिए हैं
तब फिर तुम मुझे जन्म लेने से क्यों रोकते हो
शायद अब तुम समझ गए होगे कि
नारी बिना यह सृष्टि नहीं चल सकती है
व बेटी पराया नहीं अपना है
मेरे जन्म के प्रयोजन करने वाले मेरे माता-पिता
तुमसे मेरी यही आग्रह है कि
मुझे मारने का प्रयोजन मत करो
व मुझे मत मारो
मुझे भी जन्म लेने दो
मुझे भी जन्म लेने दो


रचनाकार : महेश कुमार वर्मा
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Sunday, July 20, 2008

कन्या भ्रूण हत्या : एक घिनौना कार्य

भ्रूण हत्या एक जघन्य अपराध है व यह मानव जाति के लिए कलंक है। हरेक सफलता के पीछे एक नारी का हाथ होता है और जब हम उस नारी जाति के भ्रूण को जन्म से पहले ही नष्ट कर देते हैं तो इस मनुष्य के लिए इससे बड़ी कलंक की बात और क्या हो सकती है? धिक्कार है उसको जो किसी भी प्रकार से भ्रूण हत्या में लिप्त हैं........


यह कहना किसी भी अर्थ में सही नहीं है कि बेटा या पुत्र से ही उद्धार होता है। ........आज तो ऐसा कई बार देखा गया है कि पिता जिस पुत्र से आशा रखता है वही पुत्र उसके मृत्यु का कारण भी बनता है। ........... यदि हम आध्यात्म में गहरे तक जाएँ तो हम इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते कि मोक्ष या उद्धार ईश्वर प्राप्ति संतान के नर या मादा होने पर कभी भी निर्भर नहीं करता है।जिस नारी जाति से सारी मनुष्य जाति चाहे वह नर हो या मादा का जन्म होता है, उस नारी जाति के भ्रूण को जन्म से पहले ही नष्ट कर देना या उससे घृणा करना मनुष्य के लिए एक घिनौना कार्य ही है। ................

--महेश कुमार वर्मा

दिनांक : २०।०७।२००८

स्थान : पटना

लेखक : MAHESH KUMAR VERMA

पता : DTDC Courier Office,

Satyanarayan Market,

Opposite Maruti (KARLO) Show Room,

Boring Road, Patna (Bihar)

PIN-800001 (INDIA)

E-mail ID : vermamahesh7@gmail.com

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भ्रूण हत्या एक जघन्य अपराध

जघन्य अपराध

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