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Justice For Mahesh Kumar Verma

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Posted by Justice For Mahesh Kumar Verma on Thursday, 27 August 2015
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Saturday, November 2, 2013

दीपावली की शुभकामना

दीपावली की शुभकामना 

सबों को दीपावली की ढ़ेर सारी शुभकामनाएँ


Monday, March 25, 2013

होली : शुभकामना, निवेदन व अपील


होली : शुभकामना, निवेदन व अपील



सबों को पवित्र होली की ढ़ेर सारी शुभकामनाएँ।

पवित्र होली प्रेम व आपसी भाईचारा का पर्व है अतः इसे प्रेम व भाईचारा का ही पर्व रहने दें। इसे किसी विवाद व शत्रुता का बदला लेने का पर्व न बनाएँ। तथा सभी तरह का वैर व कटुता का भाव भुलाकर आपसी प्रेम-भाव बनाए रखें। किसी के साथ जोर-जबरदस्ती नहीं करें। जबरन किसी को रंग या गुलाल न लगायें।

धन्यवाद।

आपका - 
महेश 

होली : शुभकामना व निवेदन

होली : शुभकामना व निवेदन 



सबों को पवित्र होली की ढ़ेर सारी शुभकामनाएँ।

पवित्र होली प्रेम व आपसी भाईचारा का पर्व है अतः इसे प्रेम व भाईचारा का ही पर्व रहने दें। इसे किसी विवाद व शत्रुता का बदला लेने का पर्व न बनाएँ। किसी के साथ जोर-जबरदस्ती नहीं करें। जबरन किसी को रंग या गुलाल न लगायें।

धन्यवाद।

आपका - 
महेश 

Tuesday, November 13, 2012

मैं खुश रहूँ या न रहूँ, आप सब खुश रहें

मैं खुश रहूँ या न रहूँ, आप सब खुश रहें

आज दिवाली का दिन है। लोग खुशियाँ मना रहे हैं। पर मुझमें कोई ख़ुशी नहीं है। वैसे मेरी ख़ुशी तो कब ही मुझसे दूर हो गयी है ............................. पर ..................... आज जैसा लग रहा है कि मैं सारा चीज खो गया हूँ   .................. पर किसे कहूँ मैं अपनी बात ........................ कोई तो नहीं रहा अपना .....................

खैर, छोड़िये इन बातों को मैं खुश रहूँ या न रहूँ, आप सब खुश रहें।
सबों को दीपावली की ढेर सारी शुभकामनायें।

-- महेश

Monday, October 22, 2012

दुर्गा पूजा : जरा इधर भी ध्यान दें


दुर्गा पूजा : जरा इधर भी ध्यान दें


सबों को दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं। दशहरा के पर्व को अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतिक माना गया है। इस पर्व में लोग शक्ति की देवी दुर्गा की आराधना करते हैं तथा खुशियाँ मनाते हैं व कई प्रकार से खर्च करते हैं। पर जरा सोचें हमारे समाज व परिवेश में ऐसे कितने लोग हैं जिन्हें भोजन तक की उचित व्यवस्था नहीं है और इनमें से कई ऐसे हैं जो अपने पेट भरने के लिए अपराध या कुकर्म को अपना रहे हैं। सोचें कि इस स्थिति के लिए जिम्मेवार कौन है? निःसंदेह इस स्थिति के लिए जिम्मेवार हमारी समाज, परिवेश व सरकार के भ्रष्ट नीति है। हमें इस पर सोचना चाहिए व इस स्थिति को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए।

-- महेश कुमार वर्मा 

Tuesday, February 28, 2012

सबों को होली पर्व की ढेर सारी शुभकामनायें

सबों को होली पर्व की ढेर सारी शुभकामनायें.

होली आपसी प्रेम व भाईचारा का पर्व है अतः इसे प्रेम-पूर्वक ही मनाएं.  किसी के साथ जोर-जबरदस्ती नहीं करें. नशीली चीजों का प्रयोग न करें व अश्लील हरकत नहीं करें. 
शुभकामनाओं के साथ.

आपका
महेश

Monday, October 3, 2011

दुर्गापूजा की शुभकामना



सबों को दुर्गापूजा की ढेर सारी शुभकामनाएं


Saturday, March 19, 2011

सबों को होली की ढेर सारी शुभकामनाएं

सबों को होली की ढेर सारी शुभकामनाएं 

होली आपसी प्रेम वा भाईचारा का पर्व है अतः इसे प्रेम पुर्वक मनाएँ  तथा किसी के साथ जोर-जबरदस्ती न करें.

-- महेश कुमार वर्मा 
Mobile. : +919955239846

Tuesday, January 25, 2011

गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ.

सबों को 62वीं गणतंत्र दिवस की ढ़ेर सारी शुभकामनाएँ.

इस अवसर पर हमें वही करने का संकल्प लेना चाहिए जिससे देश में फैली तमाम भ्रष्टाचार का अंत हो व फिर देश के तमाम नागरिक स्वच्छ वातावरण में जी सके.

पुनः सबों को गणतंत्र दिवस की ढ़ेर सारी शुभकामनाएँ.

Saturday, January 1, 2011

नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ : Happy New Year

सबों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ

यह नववर्ष सबों के जीवन में खुशियाँ लाये और सभी पूर्व के घटनाओं से सीख लेते हुए अपनी बुराई को त्याग कर अपने में अच्छाई लाये. 

Happy New Year




Tuesday, November 2, 2010

दीपावली की शुभकामनाएं : Happy Diwali

दीपावली की शुभकामनाएं


ज्ञान का दीप जलाकर सच्चाई व ईमानदारिता का प्रकाश फैलाएं.

* Happy Diwali *

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Saturday, February 27, 2010

होली प्रेम पूर्वक मनाएं

सबों को होली की शुभकामनाएं
होली आपसी प्रेम भाईचारा का प्रेम हैअतः यह ख्याल रखें कि इस पर्व में आपसी प्रेम बनाएं रखें तथा किसी के भी साथ जोर-जबरदस्ती नहीं करेंजो चाहे उसे जबरन रंग-गुलाल लगायेंकिसी के साथ अभद्र व्यवहार करें तथा होली को प्रेम के साथ ही मनाएं

-- महेश कुमार वर्मा

Wednesday, December 30, 2009

नववर्ष का विचार : हमें सुधरना होगा

नव वर्ष पर सबों को हार्दिक शुभकामनाएं।

हरेक वर्ष हम नववर्ष पर एक-दुसरे को शुभकामनाएं देते है। पर कभी हमने सोचा है कि सिर्फ शुभकामनाएं भर दे देने से क्या हमारा समाज व देश उन्नति कर सकेगा। कभी नहीं, हमें अपने समाज से बुराई को हटाना होगा। जब तक हम समाज में व्याप्त बुराई को हटाने में कोई सहयोग नहीं करते हैं तो सिर्फ शुभकामनाएं देने से कुछ नहीं होगा। कितने लोग सोचते व कहते हैं कि एक हमारे चाहने से क्या होगा .......... पूरा दुनियाँ ऐसी हैं तो क्या एक सिर्फ हमारे सुधरने से दुनियाँ सुधर जायेगी ............ इस तरह से लोग कई बात कहते हैं। पर हमें सोचना व समझना चाहिए कि हम और आप जैसे व्यक्तियों से ही यह समाज बना है। तब फिर हमारे व आपके सुधरने से यह समाज क्यों न सुधरेगा? याद रखें हमारे-आपके सहयोग से ही इस देश की उन्नति संभव है। और हमारे-आपके सहयोग से ही देश से अपराध व भ्रष्टाचार समाप्त हो सकती है। अन्यथा देश की अपराध व भ्रष्टाचार हमें ही कुचल देगी।

अतः हम सबों से यह आह्वान करना चाहता हूँ कि अपने में सुधार लाते हुए समाज को सुधारने में अपना योगदान दें। यही हमारी नववर्ष की खुशी होगी।

हम बदलेंगे युग बदलेगा।
हम सुधरेंगे युग सुधरेगा॥

धन्यवाद।


आपका
महेश कुमार वर्मा

Saturday, October 17, 2009

दीपावली की शुभकामनाएं

दीपावली की शुभकामनाएं

अंतर में ज्ञान का दीप जलाकर सत्य के प्रकाश में ईमानदारिता के राह पर चलें।

Saturday, March 7, 2009

होली

सबों को होली की ढ़ेर सारी शुभकामनाएँ।

होली का पवित्र पर्व नजदीक है। मैं व्यक्तिगत रूप से सबों से आग्रह करना चाहता हूँ कि होली के पवित्र पर्व को पवित्र बनाएं रखें व इसे दूषित नहीं करें। कितने लोग इस होली के पर्व के ही दिन पुराने शत्रुता का बदला लेते हैं। कितने लोग पवित्र होली के दिन शराब पीकर मतवाला बने रहते हैं और पवित्र होली को दूषित कर देते हैं। कितने लोग जबरन ही किसी को उसके न चाहने पर भी उसे रंग या अन्य पदार्थ देते हैं। कितने लोग के मंशा सिर्फ शरारत करने की ही रहती है। पर ऐसा नहीं होनी चाहिए। होली आपसी प्रेम का पर्व है न कि शरारत करने का पर्व। होली प्रेम का पर्व है। पर कितने लोग इस दिन विशेष रूप से मांसाहार भोजन करते हैं, जो कि उचित नहीं है। आयें आपसी प्रेम के पर्व होली में मांसाहार का विरोध करें व सबों से प्रेम करें।

कृपया पवित्र होली को पवित्र बनाए रखें। पुनः होली की ढ़ेर सारी शुभकामनाएं।

आपका

महेश कुमार वर्मा

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http://popularindia.blogspot.com/search/label/%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A5%८०

Monday, October 27, 2008

दीपावली की शुभकामनाएँ


प्रकाश पर्व दीपावली हमें अंधकार से प्रकाश की ओर जाने की प्रेरणा देता है। अतः आएँ इस दीपावली में अपने अंदर के अंधकार को हटाकर ज्ञान का दीप जलाएँ और सारे जगत को प्रकाशमय बनाएँ।

सबों को दीपावली की ढ़ेर सारी शुभकामनाएँ।

Saturday, August 23, 2008

श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर सबों को ढ़ेर सारी शुभकामनाएँ

श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर सबों को ढ़ेर सारी शुभकामनाएँ

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गीता में भगवान श्री कृष्ण ने हमें हमेशा अपने कर्म करते रहने की ही शिक्षा दिए हैं। अतः श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पर्व को हमें यों ही नहीं बिताना चाहिए बल्कि इस अवसर पर हमें अपने कर्म को करते हुए अन्याय के विरुद्ध लड़ने के लिए दृढ़ संकल्पित होना चाहिए।

Friday, March 21, 2008

होली के अवसर पर एक अपील

पवित्र होली का पर्व आपस में वैर व दुश्मनी या शत्रुता की भावना भुलाकर आपस में प्रेम स्थापित करने का पर्व है। पर आज कितने लोग अपने पुराने दुश्मनी का बदला होली के दिन ही लेते हैं तथा कितने लोग होली के दिन शरारत करने से नहीं चुकते हैं। पर हमें ख्याल रखना चाहिए की पवित्र होली का पर्व शरारत करने का पर्व नहीं है बल्कि यह प्रेम का पर्व है। इस होली के अवसर पर मैं सबों से अपील करना चाहता हूँ कि वे होली का पर्व प्रेम पूर्वक मनाएं न कि शरारती के साथ तथा आपसी वैर भावना भुलाकर आपस में प्रेम स्थापित करें। साथ ही मांस-मदिरा का सेवन भी त्यागना चाहिए।

होली के शुभकामनाओं के साथ।

आपका
महेश कुमार वर्मा
http://popularindia.blogspot.com/

Thursday, October 18, 2007

सबों को दुर्गा पूजा की हार्दिक शुभकामनाएँ

सबों को दुर्गा पूजा की हार्दिक शुभकामनाएँ । वर्तमान में हमलोग दुर्गा पूजा मना रहे हैं । जिधर देखें उधर दुर्गा पूजा की तैयारी है । दुर्गा पूजा में सजावट में हम कितने खर्च करते हैं व हर्सोल्लास के साथ दुर्गा पूजा का पर्व मनाते हैं । दुर्गा पूजा का पर्व पूरे १० दिनों का पर्व हैं । प्रत्येक वर्ष आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को कलश स्थापना के साथ नवरात्रारम्भ होता है तथा नौ दिनों तक विधिवत मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के बाद दशमी के दिन प्रतिमा विसर्जन के रश्म के साथ दुर्गा पूजा का पर्व समाप्त होता है । इस दशमी के दिन को विजया दशमी भी कहते हैं । कहते हैं इसी दिन भगवान रामचंद्र ने लंकापति रावण को मारा था और इसी दिन दस सिर वाला रावण हारा था इसीलिए इस पर्व को दशहरा भी कहते हैं।
सिर्फ दुर्गा पूजा ही नहीं अन्य पर्व भी हमलोग प्रतिवर्ष नियमित रूप से मनाते हैं । सिर्फ धार्मिक पर्व ही नहीं कई घटनाओं का वर्षगांठ या साल-गिरह हम मनातें हैं तथा कई महापुरुष के जन्म-दिन के वर्षगांठ पर उन्हें याद करते हैं । स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस व गांधी-जयंती को तो भारत में राष्ट्रीय पर्व मान लिया गया है । इतना ही नहीं अन्य कई घटनाओं का हम वर्षगांठ या साल-गिरह मनाते हैं जिसमें हम उन घटनाओं को याद करते हैं । हम अपने घर-परिवार में भी अपने या बच्चे के या घर के अन्य सदस्य के जन्म के वर्षगांठ मनाते हैं।
कुल मिलाकर कई वर्षगांठ व साल गिरह पर हम काफी रकम खर्च करते हैं पर सोचनीय है कि किसी भी घटना का वर्षगांठ या साल गिरह मनाने के पीछे हमारा क्या उद्देश्य रहना चाहिए ? जिस घटना के वर्षगांठ या साल-गिरह हम मनाते हैं क्या उस घटना से मुझे वास्तविक सिख नहीं लेनी चाहिए ? इसमें कोई दो राय नहीं है कि किसी भी घटना के वर्षगांठ या साल गिरह मनाने के पीछे हमारा उद्देश्य उस घटना को याद कर उससे अच्छाई को ग्रहण करना व बुराई को त्यागना होना चाहिए । साथ ही घटनाओं को याद कर मुझे यह भी महसूस करना चाहिए कि उस घटना में कहाँ भूल हुयी और उससे हमें भविष्य के लिए सिख लेनी चाहिए । किसी भी घटना के वर्षगांठ या साल गिरह मनाने में जबतक हम उससे कुछ सिख ग्रहण नहीं करते हैं और उसे अमल में नहीं लाते हैं तबतक उस घटना का साल-गिरह मानना निरर्थक ही होगा भले ही उसके पीछे हजारों रुपये क्यों न खर्च किये गए हों । ................दुर्गा पूजा में हम पूरे नवरात्र दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं जिसमें अंततः हम यही देखते हैं कि दानवों कि हार होती है और इसके लिए देवी को उनसे लड़ना पडा था । ................
तो आयें इस दुर्गा पूजा में हम सिर्फ बाहरी सजावट में ही पैसे खर्च न करें बल्कि इस पूजा में अन्याय व बुराई के विरुद्ध लड़ने के लिए दृढ संकल्पित हों तथा अपने में जो भी बुराई हैं उसे निकाल फेकें।
आपका
महेश
चिट्ठाजगत
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