इस साईट को अपने पसंद के लिपि में देखें

Justice For Mahesh Kumar Verma

Justice For Mahesh Kumar Verma--------------------------------------------Alamgang PS Case No....

Posted by Justice For Mahesh Kumar Verma on Thursday, 27 August 2015

Follow by Email

Tuesday, October 28, 2008

अबकी दिवाली हम मनाएब कैसे

अबकी दिवाली हम मनाएब कैसे
-------------------------------------

उजड़ि गेल घर बाढ़ में
डूबि गेल पूँजी व्यापार में
ना बा कहूँ रहे के ठिकाना
ना बा कुछु खाय के ठिकाना
दिया से अपन घर के सजाएब कैसे
जुआड़ी सैंया के हम मनाएब कैसे
अबकी दिवाली हम मनाएब कैसे
अबकी दिवाली हम मनाएब कैसे

ना बा घर ना बा दुआर
भगवान तोहार मूर्ति हम बिठाएब कैसे
तोहार आरती हम उतारब कैसे
हो अबकी दिवाली हम मनाएब कैसे
अबकी दिवाली हम मनाएब कैसे

Monday, October 27, 2008

दीवाली

मनाएँ हम मिलकर दीवाली

ना हो प्रकाश से कोई जगह खाली

अन्धकार से प्रकाश में जाना है

जीवन में प्रकाश लाना है

दीवाली के दीपक से यही सीख लेना हैं

सारे जग से अंधकार मिटाना है

दुनियाँ में प्रकाश फैलाना है 

हरेक जगह प्रकाश फैलाना है॥ 


-- महेश कुमार वर्मा 


दीपावली की शुभकामनाएँ


प्रकाश पर्व दीपावली हमें अंधकार से प्रकाश की ओर जाने की प्रेरणा देता है। अतः आएँ इस दीपावली में अपने अंदर के अंधकार को हटाकर ज्ञान का दीप जलाएँ और सारे जगत को प्रकाशमय बनाएँ।

सबों को दीपावली की ढ़ेर सारी शुभकामनाएँ।

Sunday, October 26, 2008

दिवाली में जलते हैं पैसे


होती थी यह वर्षों पहले

जब दिवाली में जलते थे दिये

पर अब चाहे हो जैसे

दिवाली में जलते हैं पैसे

छोड़ते हैं बम-पटाखे

और छोड़ते हैं रॉकेट

फैलाते है प्रदुषण

बढ़ाते हैं बीमारी

चाहे हो जैसे

पर दिवाली में जलते हैं पैसे

दिवाली मैं दिये अब जलते नहीं

दिये के स्थान पर है अब मोमबत्ती

मोमबत्ती का स्थान भी ले लिया अब बिजली

बिना बिजली के नहीं होता अब दिवाली

पर आपस में ख़ुशी बाँटने के जगह

खेलकर जुआ करते हैं पैसे की बर्बादी

चाहे हो जैसे 

पर दिवाली में जलते हैं पैसे 

दिवाली में जलते हैं पैसे


--महेश कुमार वर्मा

Friday, October 17, 2008

प्रेम है बहुत महान

प्रेम है बहुत महान

ये है मानवता की पहचान

प्रेम ही है जो दुश्मन को दोस्त बनाते हैं

प्रेम ही है जो पशुओं को भी मित्र बनाते हैं

प्रेम ही है जो सबों को आपस में बांधे रखता है

प्रेम ही है जो सबों को बिछुड़ने से रोकता है

प्रेम न होता तो ये सारा रिश्ता नाता न होता

प्रेम न होता तो दुनियाँ का काम न होता

प्रेम न होता तो दुनियाँ में चलना मुश्किल था

प्रेम न होता तो हमें जी पाना मुश्किल था

अतः प्रेम करना सीखो

आपस में मिलकर रहना सीखो

सबों से प्रेम करो

नहीं किसी से वैर करो

प्रेम है बहुत महान

ये है मानवता की पहचान

प्रेम है बहुत महान

प्रेम है बहुत महान

Tuesday, October 7, 2008

सबों को दुर्गा पूजा की हार्दिक शुभकामनाएँ


सबों को दुर्गा पूजा की हार्दिक शुभकामनाएँ

यहाँ आप हिन्दी में लिख सकते हैं :