इस साईट को अपने पसंद के लिपि में देखें

Justice For Mahesh Kumar Verma

Justice For Mahesh Kumar Verma--------------------------------------------Alamgang PS Case No....

Posted by Justice For Mahesh Kumar Verma on Thursday, 27 August 2015
Showing posts with label याद. Show all posts
Showing posts with label याद. Show all posts

Wednesday, October 31, 2012

इंदिरा गांधी को गोली क्यों मारी गयी

इंदिरा गांधी को गोली क्यों मारी गयी

आज ३१ अक्टूबर है. २८ वर्ष पहले आज ही के दिन तात्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी को आतंकी ने गोली मारकर मार डाला था. मेरे जीवन में भी वह दिन बहुत ही महवपूर्ण था क्योंकि उस दिन मैं दिन-रात रोते रहा था पर मुझे मेरे प्रश्न का उत्तर नहीं मिला था कि इंदिरा गांधी को गोली क्यों मारी गयी...... उस समय मैं ७ वर्ष का था.  विस्तृत यहाँ देखें..............

मैं व इंदिरा गाँधी

http://mahesh-kee-aatmkatha.blogspot.in/2011/02/blog-post.html




Monday, December 1, 2008

याद

याद

हर रोज तुम आती हो
हर वक्त साथ रहती हो
तुम्हारे साथ रहने के कारण ही
मैं राह चल पाता हूँ
तुम साथ रहती हो
पर फिर भी
नहीं कर पाता तुम्हारा शरीर-स्पर्श
कारण तुम शरीर से नहीं
बल्कि तुम्हारी सिर्फ याद आती है
तुम्हारी सिर्फ याद आती है

तुम्हारी याद में वो बल है
जो मुझे आगे बढ़ाता है
तुम्हारी याद में वो आकर्षण है
जो मुझे तुम्हारे करीब लाता है
तुम्हारी याद में वो एकता है
जो हमदोनों को एक बनाता है
तुम्हारी याद में वो संजीवनी है
जो मुझे जीवित रखता है
तो भला तुम्हारी याद कैसे न आए
तुम्हारी याद कैसे न आए



-- महेश कुमार वर्मा

Sunday, November 23, 2008

गर तू ना होती

गर तू ना होती

गर तू ना होती तो कौन मेरे पास होता
गर तू ना होती तो कौन मेरे साथ होता
गर तू ना होती तो कौन मेरा अपना होता
गर तू ना होती तो सारा जहाँ सपना होता
गर तू ना होती तो जीवन नहीं ये पूरा होता
गर तू ना होती तो जीवन ये अधुरा होता
गर तू ना होती तो नहीं ये जीवन होता
गर तू ना होती तो नहीं ये गज़ल होता
कहना है बस एक बार तू मान जा
मान जा मेरे दिल को बहला जा
मान जा जीने का राह दिखा जा
मान जा मेरे जीवन को सँवार जा
गर तू ना होती तो नहीं ये जीवन होता
गर तू ना होती तो नहीं ये गज़ल होता


रचयिता : महेश कुमार वर्मा

Saturday, November 17, 2007

तेरी याद में

सोता हूँ तेरी याद में
जागता हूँ तेरी याद में
खाता हूँ तेरी याद में
पीता हूँ तेरी याद में
लिखता हूँ तेरी याद में
सब कुछ करता हूँ तेरी याद में
हर पल बीतता है तेरी याद में
सब कुछ समर्पित है तेरी याद में
मेरा दिल धड़कता है तेरी याद में
बस तेरी याद में तेरी याद में
चिट्ठाजगत
चिट्ठाजगत www.blogvani.com Hindi Blogs. Com - हिन्दी चिट्ठों की जीवनधारा

यहाँ आप हिन्दी में लिख सकते हैं :