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Justice For Mahesh Kumar Verma

Justice For Mahesh Kumar Verma--------------------------------------------Alamgang PS Case No....

Posted by Justice For Mahesh Kumar Verma on Thursday, 27 August 2015

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Sunday, October 26, 2008

दिवाली में जलते हैं पैसे


होती थी यह वर्षों पहले

जब दिवाली में जलते थे दिये

पर अब चाहे हो जैसे

दिवाली में जलते हैं पैसे

छोड़ते हैं बम-पटाखे

और छोड़ते हैं रॉकेट

फैलाते है प्रदुषण

बढ़ाते हैं बीमारी

चाहे हो जैसे

पर दिवाली में जलते हैं पैसे

दिवाली मैं दिये अब जलते नहीं

दिये के स्थान पर है अब मोमबत्ती

मोमबत्ती का स्थान भी ले लिया अब बिजली

बिना बिजली के नहीं होता अब दिवाली

पर आपस में ख़ुशी बाँटने के जगह

खेलकर जुआ करते हैं पैसे की बर्बादी

चाहे हो जैसे 

पर दिवाली में जलते हैं पैसे 

दिवाली में जलते हैं पैसे


--महेश कुमार वर्मा

7 comments:

दिनेशराय द्विवेदी said...

दीपावली पर हार्दिक शुभ कामनाएँ।

राज भाटिय़ा said...

बहुत ही सुन्दर कविता, आप सब को दीपावली की हार्दिक शुभ कामनाएँ।
धन्यवाद

Udan Tashtari said...

बहुत बढ़िया.

आपको एवं आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाऐं.

समीर लाल

http://udantashtari.blogspot.com

शोभा said...

जन-गण को
ठेंगा दिखलायें।
जन-मत को
तत्काल भुलाएँ।
सिद्धांतों को
बेच-खरीदें-
जन-मन को
हर रोज लुभाएँ।
दिन दूने औ'
रात चौगुने
जीत बढाएं भाव...
waah! bahut khub. deepawali ki shubh kaamnayen

कुन्नू सिंह said...

दिपावली की शूभकामनाऎं!!


शूभ दिपावली!


- कुन्नू सिंह

कुन्नू सिंह said...

दिपावली की शूभकामनाऎं!!


शूभ दिपावली!


- कुन्नू सिंह

श्यामल सुमन said...

शहर में आया तो लाया अपने साथ चराग की मौत।
वही चिराग जो रात भर सिसकता रहा शहर के लिए।।

दीपावली की शुभकामनाएँ।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
मुश्किलों से भागने की अपनी फितरत है नहीं।
कोशिशें गर दिल से हो तो जल उठेगी खुद शमां।।
www.manoramsuman.blogspot.com

यहाँ आप हिन्दी में लिख सकते हैं :